बच्चों का कमरा केवल सोने की जगह नहीं, बल्कि उनका छोटा संसार होता है जहाँ वे खेलते हैं, सीखते हैं और बड़े होते हैं। हाल ही में, ‘न्यू नॉर्मल’ जीवनशैली और घर से काम करने के बढ़ते ट्रेंड के चलते पेरेंट्स अब बच्चों के कमरों को भी बहुउद्देश्यीय, सुरक्षित और सौंदर्यपूर्ण बनाने पर ज़्यादा ध्यान देने लगे हैं। IKEA, Muji, Nitori जैसी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स ने भी इस मांग को समझते हुए किड्स-फ्रेंडली और मल्टीफंक्शनल फर्नीचर को अपने मुख्य उत्पादों में शामिल किया है।
2025 की शुरुआत के साथ ही, स्मार्ट नर्सरी डिजाइन, मॉन्टेसरी-प्रेरित व्यवस्था और बायोफिलिक डिजाइन (प्राकृतिक तत्वों को शामिल करने वाली सजावट) लोकप्रिय हो रहे हैं। साथ ही, इंडोर एयर क्वालिटी और हाइपोएलर्जेनिक मटेरियल्स की तरफ भी लोगों की जागरूकता बढ़ रही है, जो सीधे बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी है। यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी साबित होगी अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे का कमरा सिर्फ सुंदर नहीं बल्कि ज़िम्मेदारी से डिज़ाइन किया गया भी हो।
बच्चों के कमरे की योजना कैसे बनाएं?
बच्चों के कमरे की सजावट शुरू करने से पहले उसकी एक स्पष्ट योजना बनाना बेहद ज़रूरी है। कमरे का साइज, दिशा, प्राकृतिक रोशनी की उपलब्धता और विंटिलेशन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्पेस का विभाजन करें। क्या बच्चा अकेला है या भाई-बहन के साथ कमरा साझा कर रहा है? उसकी उम्र, नींद और खेलने की आदतें क्या हैं? इन सभी बातों पर विचार करके ही कमरे का लेआउट तय करें।
फर्नीचर जैसे कि बेड, स्टडी टेबल और वार्डरोब को इस तरह रखें कि कमरे में चलने की पर्याप्त जगह बनी रहे। दीवारों और फर्श की सतहों को साफ़ और सुरक्षित रखें, ताकि बच्चे का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। प्लानिंग के दौरान दीवारों की थीम, कलर पैलेट और ज़रूरी फिक्स्चर जैसे कि नाइट लाइट्स और ब्लाइंड्स को भी शामिल करें।
सही रंगों और थीम का चयन कैसे करें?
कमरे का रंग और थीम बच्चों के मूड और व्यवहार पर सीधा असर डालते हैं। गर्म रंग जैसे पीला और नारंगी एनर्जी बढ़ाते हैं, जबकि हल्के नीले और हरे रंग शांति और एकाग्रता में मदद करते हैं। नवजात शिशुओं के लिए न्यूट्रल और पेस्टल शेड्स जैसे बेबी पिंक, मिंट ग्रीन और लैवेंडर आदर्श हैं क्योंकि ये आँखों को सुकून देते हैं।
आप एनिमल थीम, जंगल एडवेंचर, यूनिकॉर्न, कार्टून कैरेक्टर्स, या मॉन्टेसरी-प्रेरित नेचुरल थीम्स में से कोई भी चुन सकते हैं। दीवार पर वॉलपेपर, स्टिकर या हैंड-पेंटिंग का उपयोग करके थीम को जीवंत बनाएं। लेकिन ध्यान रहे कि थीम ओवरपावरिंग न हो – बच्चे की पसंद और उम्र के अनुसार थीम बदलने योग्य होनी चाहिए।
फर्नीचर का चयन और व्यवस्था
बच्चों के कमरे में इस्तेमाल होने वाला फर्नीचर सुरक्षित, टिकाऊ और बहुउद्देश्यीय होना चाहिए। किनारों पर सेफ्टी एज वाले बेड्स, हल्के वजन की मल्टीयूज़ स्टोरेज यूनिट्स और मॉड्यूलर टेबल्स बच्चों के लिए उपयुक्त होती हैं। आजकल मॉन्टेसरी-इंस्पायर्ड फर्नीचर काफी ट्रेंड में है जिसमें बच्चा आसानी से चीज़ें इस्तेमाल कर सके।
फोल्डेबल फर्नीचर और वॉल-माउंटेड यूनिट्स छोटे कमरों में स्पेस को बचाने का बेहतरीन विकल्प हैं। साथ ही, फर्नीचर में एक्स्ट्रा स्टोरेज जैसे कि बेड के नीचे ड्रॉअर या मल्टी लेयर स्टोरेज बिन्स बहुत उपयोगी होते हैं।
स्टोरेज और ऑर्गनाइजेशन के स्मार्ट उपाय
बच्चों के खिलौनों, किताबों और कपड़ों के लिए स्मार्ट स्टोरेज सॉल्यूशन्स ज़रूरी होते हैं ताकि कमरा हमेशा साफ और व्यवस्थित बना रहे। ऊँचाई के अनुसार बच्चों की पहुँच में आने वाली ओपन शेल्व्स, कलर-कोडेड बॉक्सेज़ और लेबल वाले कंटेनर्स इस्तेमाल करें। इससे बच्चा भी अपनी चीज़ों को पहचानना और सहेजना सीखता है।
बेड के नीचे स्टोरेज ड्रॉअर, दरवाज़े के पीछे हैंगिंग ऑर्गनाइज़र्स और फोल्डेबल बिन्स, छोटे कमरों में जगह बचाने में मदद करते हैं। हर कैटेगरी के सामान के लिए एक खास जगह निर्धारित करें, जैसे एक ‘टॉय जोन’, ‘बुक कॉर्नर’ और ‘ड्रेसिंग एरिया’।
सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष ध्यान
बच्चों के कमरे को डिज़ाइन करते वक्त सुरक्षा को कभी नज़रअंदाज़ न करें। फर्नीचर के कोनों पर सेफ्टी गार्ड्स लगाएं, बिजली के सॉकेट्स को कवर करें और फर्श को नॉन-स्लिप मैट्स से ढकें। बायोफिलिक डिजाइन ट्रेंड को अपनाते हुए कमरे में इंडोर प्लांट्स लगाना भी अच्छा विकल्प है जो हवा की गुणवत्ता को सुधारते हैं।
इसके अलावा, हाइपोएलर्जेनिक मटेरियल्स जैसे कि कॉटन बेडशीट्स, वुडन या बांस फर्नीचर और वॉलपेंट्स में VOC-फ्री ऑप्शन्स का चयन करें। ये चीज़ें बच्चों की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखती हैं और एलर्जी या त्वचा संबंधी समस्याओं से भी बचाती हैं।
बच्चों के कमरे को पर्सनलाइज़ कैसे करें?
हर बच्चा अलग होता है, और उसका कमरा भी उसकी पर्सनैलिटी को दर्शाना चाहिए। बच्चों की बनाई गई ड्रॉइंग्स, हैंडक्राफ्टेड आइटम्स या उनकी तस्वीरों को कमरे की सजावट का हिस्सा बनाएं। आप दीवार पर नाम वाला वॉल डेकोर, बर्थडे रिमाइंडर बोर्ड या उनकी पसंदीदा किताबों और खिलौनों की डिस्प्ले यूनिट लगा सकते हैं।
कमरे में एक छोटा रीडिंग कॉर्नर बनाएं जहाँ बच्चा आराम से बैठकर पढ़ाई या कहानी सुन सके। बच्चों को सजावट में शामिल करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वो अपने कमरे से भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं
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