प्रसव पूर्व और बाद वजन घटाने के 7 अचूक तरीके जो आपको चौंका देंगे

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नमस्ते मेरी प्यारी दोस्तों! मां बनना जिंदगी का सबसे खूबसूरत एहसास होता है, है ना? लेकिन इस सुनहरे सफर में अक्सर एक चुनौती आती है, और वो है डिलीवरी के बाद बढ़ा हुआ वजन। मुझे पता है, शीशे में खुद को देखकर कभी-कभी मन उदास हो जाता है और लगता है कि क्या मैं कभी पहले जैसी फिट हो पाऊंगी?

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मेरा यकीन मानिए, आप अकेली नहीं हैं जो इस उलझन से गुज़र रही हैं। मैंने भी ये सब झेला है और अपनी इस यात्रा में बहुत कुछ सीखा है।डिलीवरी के बाद शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं और बच्चे की देखभाल में खुद पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। लेकिन चिंता मत कीजिए, सही जानकारी और थोड़ी सी लगन के साथ आप अपने पुराने शेप में वापस आ सकती हैं, बल्कि और भी बेहतर हो सकती हैं!

आजकल हर कोई सोचता है कि फटाफट वजन कैसे कम करें, लेकिन सच कहूँ तो हमें धैर्य और सही तरीके अपनाने होंगे। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर शॉर्टकट्स ढूंढते हैं, पर प्रेग्नेंसी के बाद वजन घटाने के लिए हमें अपनी और अपने नन्हे-मुन्ने की सेहत का पूरा ध्यान रखना होगा। क्या आप जानते हैं कि कई सेलिब्रिटीज भी इसी चुनौती से गुज़री हैं और उन्होंने कैसे खुद को फिट किया?

मैंने अपनी रिसर्च और अनुभव से कुछ ऐसे कमाल के तरीके और लेटेस्ट टिप्स खोजे हैं, जो सिर्फ वजन कम करने में ही नहीं, बल्कि आपको अंदर से मजबूत और खुश रखने में भी मदद करेंगे। इसमें स्तनपान के जादुई फायदे से लेकर, घर पर किए जाने वाले आसान व्यायाम और दादी-नानी के कुछ पुराने नुस्खे भी शामिल हैं, जो आज भी उतने ही कारगर हैं।तो फिर देर किस बात की?

आइए, इस ब्लॉग पोस्ट में हम साथ मिलकर जानते हैं कि कैसे आप अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए, प्राकृतिक और सुरक्षित तरीकों से डिलीवरी के बाद बढ़े हुए वजन को अलविदा कह सकती हैं। मैं आपको निश्चित रूप से बताऊंगी!

नमस्ते मेरी प्यारी दोस्तों!

स्तनपान का जादू: प्रकृति का सबसे अच्छा वजन घटाने का तरीका

स्तनपान और कैलोरी बर्न: एक अद्भुत संबंध

मां बनने के बाद सबसे पहली और प्राकृतिक चीज़ जो होती है, वो है बच्चे को दूध पिलाना। क्या आप जानती हैं कि स्तनपान सिर्फ आपके बच्चे के लिए ही नहीं, बल्कि आपके अपने शरीर के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है?

मुझे याद है, जब मेरी छोटी बेटी हुई थी, तो मैं भी वजन को लेकर बहुत चिंतित थी। लेकिन मेरी डॉक्टर ने मुझे बताया कि स्तनपान अपने आप में एक कमाल का फैट बर्नर है। हर बार जब आप बच्चे को दूध पिलाती हैं, तो आपका शरीर लगभग 300 से 500 अतिरिक्त कैलोरी बर्न करता है!

सोचिए, बिना जिम जाए, बिना कोई खास मेहनत किए आपका शरीर खुद ही फैट कम करने में जुट जाता है। यह बिल्कुल ऐसा है जैसे प्रकृति ने हमें यह खास शक्ति दी हो। मैंने खुद अनुभव किया है कि जो माताएं नियमित रूप से स्तनपान कराती हैं, उनका वजन उन माताओं की तुलना में तेज़ी से कम होता है जो ऐसा नहीं करतीं। यह सिर्फ बच्चे के पोषण के लिए ही नहीं, बल्कि आपके गर्भाशय को सिकुड़ने और अपने सामान्य आकार में वापस आने में भी मदद करता है, जो पेट के ढीलेपन को कम करने में सहायक है। यह एक अद्भुत प्रक्रिया है जिसे हमें पूरा सम्मान देना चाहिए।

सही पोषण: स्तनपान के साथ खुद को भी खिलाएं

कई बार हम सोचते हैं कि वजन कम करना है तो कम खाओ। पर स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए यह बिल्कुल गलत सोच है! बच्चे को दूध पिलाने के लिए आपके शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। अगर आप सही से नहीं खाएंगी, तो दूध का उत्पादन प्रभावित होगा और आपकी अपनी सेहत भी खराब होगी। याद है मुझे, जब मेरी नानी कहती थीं, “बेटा, अब तुम दो जानों का खा रही हो!” यह बात बिल्कुल सही है। आपको प्रोटीन, विटामिन, खनिज और स्वस्थ फैट से भरपूर भोजन करना चाहिए। हरी सब्ज़ियां, फल, दालें, अंडे, दूध और दही जैसे खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में ज़रूर शामिल करें। पानी खूब पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। मैंने अपनी डाइट में खूब सारी दालें और घी शामिल किया था, जिससे मुझे ताकत भी मिली और दूध भी खूब बना। यह समय वजन कम करने के लिए खुद को भूखा रखने का नहीं, बल्कि खुद को और अपने बच्चे को स्वस्थ रखने का है।

अपनी थाली का ध्यान: सही खान-पान से शरीर को पोषण और ऊर्जा

संतुलित आहार: मां और शिशु दोनों के लिए ज़रूरी

डिलीवरी के बाद आपकी डाइट का बहुत महत्व है। यह सिर्फ आपके बढ़े हुए वजन को कम करने में मदद नहीं करती, बल्कि आपके शरीर को रिकवर होने और बच्चे को सही पोषण देने के लिए भी ज़रूरी है। मैंने अपनी डाइट को लेकर बहुत रिसर्च की और मुझे समझ आया कि जादू किसी एक खाने में नहीं, बल्कि संतुलित आहार में है। अपनी थाली में हर तरह के पोषक तत्वों को शामिल करें। जैसे, प्रोटीन के लिए दालें, पनीर, दही, अंडे या चिकन ले सकती हैं। कार्बोहाइड्रेट के लिए साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, और मल्टीग्रेन रोटी खाएं। फाइबर के लिए ढेर सारे फल और सब्ज़ियां खाएं। स्वस्थ फैट के लिए नट्स, सीड्स और घी का सीमित मात्रा में सेवन करें। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि स्वस्थ भोजन का मतलब बोरिंग खाना नहीं होता!

मैंने अपनी डाइट में भारतीय व्यंजनों को शामिल किया, जैसे खिचड़ी, दलिया, सूप और रंगीन सलाद, जो स्वादिष्ट भी थे और पौष्टिक भी।

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चीनी और प्रोसेस्ड फूड से बचें: धीमी गति का ज़हर

दोस्तों, अगर आप वाकई अपने वजन को कम करना चाहती हैं और स्वस्थ रहना चाहती हैं, तो सबसे पहले चीनी और प्रोसेस्ड फूड को अपनी ज़िंदगी से टाटा-बाय-बाय कह दें। ये चीज़ें सिर्फ कैलोरी बढ़ाती हैं, पोषक तत्व बिल्कुल नहीं देतीं। मुझे याद है, जब मेरी दोस्त ने डिलीवरी के बाद मीठा खाना शुरू किया, यह सोचकर कि इससे ताकत मिलेगी, तो उसका वजन तेज़ी से बढ़ा। मैंने अपनी खुद की यात्रा में देखा कि मीठे पेय, बिस्कुट, केक और पैकेज्ड स्नैक्स सिर्फ लालच बढ़ाते हैं और वजन घटाने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। इनकी जगह आप ताज़े फल, नट्स या दही खा सकती हैं। यकीन मानिए, कुछ हफ्तों में ही आपका शरीर इनकी तलब कम कर देगा। यह एक छोटी सी आदत है जो बड़ा बदलाव ला सकती है। मैंने खुद को समझाकर फलों और घर के बने स्नैक्स पर स्विच किया, और इसका असर मेरी ऊर्जा के स्तर और वजन पर साफ दिखा।

धीरे-धीरे व्यायाम की शुरुआत: शरीर को फिर से मजबूत बनाना

शुरुआती व्यायाम: कब और कैसे करें?

मुझे पता है, डिलीवरी के बाद शरीर में बहुत कमज़ोरी महसूस होती है और व्यायाम के बारे में सोचना भी मुश्किल लगता है। लेकिन मेरा यकीन मानिए, हल्के-फुल्के व्यायाम आपके शरीर को फिर से ताकत देने और वजन कम करने में बहुत मदद कर सकते हैं। पर सबसे ज़रूरी बात है कि डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी ज़ोरदार व्यायाम शुरू न करें। आमतौर पर, योनि प्रसव के बाद 6 हफ्ते और सिजेरियन के बाद 8-12 हफ्ते तक इंतज़ार करना सही रहता है। मैंने शुरुआत की थी टहलने से। अपने बच्चे को स्ट्रॉलर में डालकर या बेबी कैरियर में लेकर पास के पार्क में 15-20 मिनट की सैर। यह मेरे शरीर को धीरे-धीरे एक्टिव करने का सबसे अच्छा तरीका था। इसके साथ ही, कीगल एक्सरसाइज़ (Kegel exercises) और पेट की मांसपेशियों को कसने वाले हल्के व्यायाम भी बहुत फायदेमंद होते हैं। ये पेल्विक फ्लोर और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, जो प्रेग्नेंसी के दौरान कमज़ोर हो जाती हैं।

घर पर करें ये आसान व्यायाम

जब आपका शरीर थोड़ी और ताकत महसूस करने लगे, तो आप घर पर कुछ आसान व्यायाम कर सकती हैं। इन व्यायामों के लिए आपको किसी जिम जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। मैंने अपने घर पर ही कुछ कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के आसान व्यायाम किए थे, जैसे कि:

  • पैदल चलना या जॉगिंग (यदि संभव हो)
  • दीवार के सहारे स्क्वैट्स
  • प्लैंक (शुरुआत में कम समय के लिए)
  • लेग लिफ्ट्स
  • आर्म सर्कल्स
  • हल्के स्ट्रेचिंग व्यायाम

आप यूट्यूब पर पोस्टपार्टम वर्कआउट (postpartum workout) वीडियो भी देख सकती हैं जो खास माताओं के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। मैंने ‘माई फिटनेस मंत्रा’ नाम के एक चैनल पर कुछ वीडियो देखे थे, जो बहुत मददगार थे। बस याद रखें, अपनी शरीर की सुनें। अगर आपको कहीं दर्द महसूस हो, तो रुक जाएं। यह प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि अपने शरीर को धीरे-धीरे फिर से मजबूत बनाने का सफर है।

मानसिक शांति और पर्याप्त नींद: तनाव प्रबंधन भी है ज़रूरी

तनाव और वजन का गहरा रिश्ता

दोस्तों, क्या आप जानती हैं कि तनाव और नींद की कमी का आपके वजन पर सीधा असर पड़ता है? मुझे लगता था कि मैं सब कुछ संभाल लूंगी, पर बच्चे के आने के बाद नींद की कमी और नई जिम्मेदारियों का तनाव बहुत ज़्यादा बढ़ गया था। जब आप तनाव में होती हैं, तो आपका शरीर कोर्टिसोल (cortisol) नामक हार्मोन छोड़ता है। यह हार्मोन न सिर्फ भूख बढ़ाता है, बल्कि शरीर में फैट जमा होने को भी बढ़ावा देता है, खासकर पेट के आस-पास। मैंने खुद अनुभव किया कि जब मैं थकी हुई या तनाव में होती थी, तो मुझे मीठा और तला-भुना खाने की ज़्यादा इच्छा होती थी। यह एक दुष्चक्र है – तनाव से वजन बढ़ता है, और बढ़ा हुआ वजन फिर तनाव देता है। इसलिए, मानसिक शांति बनाए रखना और तनाव को मैनेज करना वजन घटाने की यात्रा का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। अपनी पसंदीदा हॉबी के लिए थोड़ा समय निकालें, संगीत सुनें, या किसी दोस्त से बात करें।

पर्याप्त नींद: शरीर को रिकवर होने दें

बच्चे के साथ पर्याप्त नींद लेना एक चुनौती जैसा लगता है, है ना? मुझे भी ऐसा ही लगता था। लेकिन नींद की कमी आपके मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है और हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है, जिससे वजन कम करना मुश्किल हो जाता है। कोशिश करें कि जब आपका बच्चा सोए, तो आप भी थोड़ी देर के लिए झपकी ले लें। अगर परिवार में कोई और मदद करने वाला है, तो उनसे मदद मांगें और कुछ घंटे की गहरी नींद लेने की कोशिश करें। याद रखें, एक थकी हुई मां अच्छे से देखभाल नहीं कर सकती। मैंने अपने पति और मां की मदद से कुछ घंटों की uninterrupted नींद लेना शुरू किया, और मुझे सच में ऊर्जा और मूड में सुधार महसूस हुआ। नींद सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ज़रूरी है। यह आपके शरीर को रिकवर होने और अगले दिन के लिए तैयार होने का मौका देती है।

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पानी का कमाल और हर्बल नुस्खे: दादी-नानी के आज़माए हुए तरीके

खूब सारा पानी पिएं: आपका सबसे सस्ता और प्रभावी दोस्त

हम अक्सर पानी के महत्व को कम आंकते हैं, लेकिन यह वजन घटाने में एक अहम भूमिका निभाता है। मुझे याद है, मेरी दादी हमेशा कहती थीं कि शरीर को अंदर से साफ रखना बहुत ज़रूरी है। पानी न सिर्फ शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है। मैंने खुद देखा कि जब मैं पर्याप्त पानी पीती थी, तो मुझे कम भूख लगती थी और मेरा पेट भरा हुआ महसूस होता था। खाने से पहले एक गिलास पानी पीने से आप कम खाती हैं। इसके अलावा, कई बार हम प्यास को भूख समझ लेते हैं, और ऐसे में बिना ज़रूरत के कुछ खा लेते हैं। इसलिए, हमेशा अपनी पानी की बोतल अपने पास रखें और हर एक घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। आप इसमें नींबू या खीरे के स्लाइस डालकर इसे और भी स्वादिष्ट बना सकती हैं।

दादी-नानी के हर्बल नुस्खे: प्राकृतिक मदद

हमारे बड़े-बुजुर्गों के पास कई ऐसे नुस्खे होते हैं जो आज भी कारगर हैं। डिलीवरी के बाद वजन कम करने के लिए कुछ हर्बल और प्राकृतिक उपाय बहुत फायदेमंद होते हैं। मैंने अपनी मां से सीखकर कुछ ऐसे उपाय अपनाए, जिनसे मुझे काफी मदद मिली:

  • जीरा पानी: सुबह खाली पेट एक गिलास उबला हुआ जीरा पानी पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और पाचन में सुधार होता है।
  • अजवाइन का पानी: यह पेट की चर्बी कम करने और गैस की समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है।
  • ग्रीन टी: कैफीन की बजाय ग्रीन टी एक अच्छा विकल्प है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो वजन घटाने में मदद करते हैं।
  • मेथी दाना: रात भर मेथी दाना भिगोकर सुबह उसका पानी पीना भी वजन कम करने में सहायक है।

ये नुस्खे रासायनिक दवाओं से बेहतर हैं क्योंकि इनके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते और ये शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। बस, इन्हें नियमित रूप से और सही मात्रा में इस्तेमाल करना ज़रूरी है।

छोटे-छोटे कदम, बड़े परिणाम: रोज़ाना की आदतें जो बदल देंगी जीवन

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नियमित भोजन: सही समय पर सही मात्रा में

दोस्तों, मुझे पता है कि बच्चे के साथ टाइमिंग बनाना बहुत मुश्किल होता है, पर मैंने यह सीखा है कि नियमित समय पर खाना बहुत ज़रूरी है। तीन बड़े मील की जगह, मैंने दिन भर में छोटे-छोटे, पौष्टिक मील खाने की आदत डाली। इससे मेरा मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहा और मुझे भूख भी कम लगी। मैंने हर 2-3 घंटे में कुछ न कुछ स्वस्थ खाने की कोशिश की, जैसे फल, नट्स, दही या एक मुट्ठी भुने चने। यह आपके ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखता है और अचानक लगने वाली भूख को कंट्रोल करता है। अपनी डाइट को ट्रैक करने के लिए मैंने एक छोटी सी डायरी बनाई थी, जिसमें मैं लिखती थी कि मैंने क्या खाया और कब खाया। इससे मुझे अपनी आदतों को समझने और उनमें सुधार करने में मदद मिली।

अपने लिए थोड़ा समय निकालें: खुद को प्राथमिकता दें

मां बनने के बाद हम अक्सर खुद को भूल जाते हैं और सारा ध्यान बच्चे पर होता है। लेकिन अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप अपने लिए थोड़ा समय निकालें। मुझे याद है, जब मेरी दोस्त ने कहा था, “एक खुश मां ही एक खुश बच्चे की परवरिश कर सकती है।” यह बात मेरे दिल को छू गई। मैंने दिन में कम से कम 15-20 मिनट सिर्फ अपने लिए निकालने शुरू किए – चाहे वो किताब पढ़ना हो, संगीत सुनना हो, या बस बालकनी में बैठकर चाय पीना हो। यह छोटा सा ब्रेक मुझे रिचार्ज करता था और मुझे तनाव से मुक्ति मिलती थी। जब आप खुद को प्राथमिकता देती हैं, तो आप ज़्यादा ऊर्जावान महसूस करती हैं और यह ऊर्जा आपके वजन घटाने की यात्रा में भी मदद करती है।

धैर्य और खुद से प्यार: यह सफर है, रेस नहीं

धीरे-धीरे करें शुरुआत और धैर्य रखें

मुझे पता है, डिलीवरी के बाद तुरंत अपने पुराने शेप में वापस आने की इच्छा होती है, और हम सब अधीर हो जाते हैं। लेकिन मैंने अपनी यात्रा में सबसे ज़रूरी बात जो सीखी, वो है धैर्य। याद रखें, आपके शरीर को बच्चे को बनाने और जन्म देने में 9 महीने लगे हैं, तो उसे ठीक होने और वापस आने में भी समय लगेगा। यह कोई रेस नहीं है जहां आपको किसी और से आगे निकलना है। यह आपकी अपनी यात्रा है। मैंने खुद को बहुत दबाव में महसूस किया था, लेकिन फिर मैंने समझा कि हर शरीर अलग होता है और हर किसी की रिकवरी की गति भी अलग होती है। मैंने छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित किए और हर छोटी जीत का जश्न मनाया। जैसे, जब मैं एक हफ्ते तक नियमित रूप से टहल पाई, तो मैंने खुद को शाबाशी दी।

खुद से प्यार करें: हर पड़ाव को गले लगाएं

इस पूरी यात्रा में सबसे ज़रूरी चीज़ है खुद से प्यार करना। आपका शरीर अद्भुत है, जिसने एक नए जीवन को जन्म दिया है। यह अपने आप में एक चमत्कार है। डिलीवरी के बाद शरीर में आने वाले बदलावों को स्वीकार करें और उनसे प्यार करें। पेट पर स्ट्रेच मार्क्स या थोड़ा ढीलापन बिल्कुल सामान्य है। ये आपकी मातृत्व की पहचान हैं। मुझे याद है, जब मैं अपने स्ट्रेच मार्क्स देखकर उदास होती थी, तब मेरी एक दोस्त ने कहा, “ये तुम्हारी ताकत की निशानी हैं, इन्हें छुपाओ मत।” यह बात मेरे दिमाग में बैठ गई। अपने शरीर को उसके सारे बदलावों के साथ स्वीकार करें और उसे स्वस्थ बनाने के लिए मेहनत करें, न कि सिर्फ पतला होने के लिए। यह एक सुंदर सफर है, जिसे आपको हर पल जीना चाहिए। खुद की तुलना दूसरों से न करें। हर महिला की यात्रा अद्वितीय होती है।यह एक सारणी है जो स्वस्थ डिलीवरी के बाद वजन घटाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को संक्षेप में प्रस्तुत करती है:

पहलु क्या करें (सही आदतें) क्या न करें (गलत आदतें)
आहार पौष्टिक और संतुलित भोजन, प्रोटीन, फल, सब्ज़ियां अत्यधिक चीनी, प्रोसेस्ड फूड, तले हुए व्यंजन
व्यायाम डॉक्टर की सलाह पर हल्के व्यायाम, पैदल चलना, कीगल एक्सरसाइज़ ज़ोरदार या अचानक भारी व्यायाम, शरीर पर अनावश्यक दबाव
हाइड्रेशन खूब सारा पानी, जीरा/अजवाइन पानी मीठे पेय, जूस का अत्यधिक सेवन
नींद जब बच्चा सोए तब खुद भी सोएं, परिवार से मदद लें नींद को नज़रअंदाज़ करना, रात भर जागना
मानसिक स्वास्थ्य तनाव प्रबंधन, खुद के लिए समय, सकारात्मक सोच तनाव में खाना, खुद को दूसरों से तुलना करना

글 को समाप्त करते हुए

मेरी प्यारी माताओं, यह याद रखना बहुत ज़रूरी है कि डिलीवरी के बाद वजन घटाना सिर्फ एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मानसिक और भावनात्मक यात्रा भी है। प्रकृति ने आपको एक नया जीवन देने का अद्भुत तोहफा दिया है, और इस दौरान आपके शरीर में जो बदलाव आए हैं, उन्हें स्वीकार करना सबसे पहला कदम है। धैर्य रखें, अपने शरीर पर अनावश्यक दबाव न डालें और छोटे-छोटे, स्वस्थ कदम उठाएं। स्तनपान, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, हल्की कसरत और मानसिक शांति, ये सभी आपके इस सफर के सबसे अच्छे साथी हैं। खुद से प्यार करें और इस खूबसूरत मातृत्व के हर पल का आनंद लें।

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जानने योग्य उपयोगी जानकारी

1. स्तनपान एक प्राकृतिक कैलोरी बर्नर है, जो हर बार दूध पिलाने पर लगभग 300-500 कैलोरी बर्न करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

2. गर्भावस्था के बाद स्वस्थ होने और दूध उत्पादन के लिए प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर संतुलित आहार लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

3. चीनी, प्रोसेस्ड फूड और अत्यधिक तले हुए व्यंजनों से बचें, क्योंकि ये केवल कैलोरी बढ़ाते हैं और पोषक तत्व नहीं देते, जिससे वजन घटाने में बाधा आती है।

4. डॉक्टर की सलाह के बाद धीरे-धीरे हल्के व्यायाम जैसे टहलना और कीगल एक्सरसाइज़ शुरू करें, जो शरीर को मज़बूत बनाने में सहायक होते हैं।

5. तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें, क्योंकि तनाव हार्मोन और नींद की कमी मेटाबॉलिज्म को धीमा करके वजन बढ़ने का कारण बन सकते हैं।

महत्वपूर्ण बातों का सारांश

डिलीवरी के बाद वजन घटाने के लिए धैर्य, संतुलित और पौष्टिक आहार, पर्याप्त हाइड्रेशन, डॉक्टर की अनुमति से हल्के व्यायाम और सबसे बढ़कर, खुद से प्यार और पर्याप्त आराम आवश्यक है। यह एक धीमा और स्थिर सफर है जिसमें शरीर की सुनो, खुद को प्राथमिकता दो और हर छोटी उपलब्धि का जश्न मनाओ। आपका स्वास्थ्य और बच्चे का पोषण सर्वोपरि है, इसलिए स्वस्थ आदतों को अपनाते हुए इस नई भूमिका का आनंद लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖

प्र: डिलीवरी के बाद वजन कम करने में कितना समय लगता है?

उ: मेरी प्यारी दोस्त, इस सवाल का कोई फिक्स जवाब नहीं है, क्योंकि हर महिला का शरीर और उसकी रिकवरी की गति अलग होती है। मेरा अपना अनुभव है कि मुझे लगभग 6 से 8 महीने लग गए थे अपनी प्रेग्नेंसी से पहले वाले वजन पर वापस आने में, जबकि मेरी कुछ सहेलियों को एक साल या उससे भी ज़्यादा का समय लगा। सबसे ज़रूरी बात है धैर्य रखना। डिलीवरी के तुरंत बाद शरीर को ठीक होने में ही 6 हफ़्ते लगते हैं। उसके बाद ही आप धीरे-धीरे एक हेल्दी रूटीन फॉलो करना शुरू कर सकती हैं। याद रखिए, आपने 9 महीने में यह वजन बढ़ाया है, तो इसे कम होने में भी समय लगेगा। जल्दीबाजी बिल्कुल न करें, क्योंकि इसका असर आपकी सेहत और आपके बच्चे की देखभाल पर पड़ सकता है। छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं और जब आप उन्हें पूरा करें तो खुद को शाबाशी देना न भूलें। ये एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं!

प्र: स्तनपान कराते समय सुरक्षित रूप से वजन कैसे कम करें?

उ: अहा! यह एक ऐसा सवाल है जो लगभग हर नई माँ के मन में आता है, और मैं आपको बता दूं कि स्तनपान अपने आप में वजन कम करने का एक प्राकृतिक और शानदार तरीका है! मैंने अपनी खुद की यात्रा में महसूस किया है कि स्तनपान कराने से काफी कैलोरी बर्न होती हैं, जिससे वजन घटाने में वाकई मदद मिलती है। लेकिन हाँ, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आप कुछ भी खाएं। आपको पौष्टिक और संतुलित आहार लेना चाहिए ताकि आपके बच्चे को भी पूरा पोषण मिले। भूखे रहने की गलती तो बिल्कुल न करें, इससे आपके दूध उत्पादन पर असर पड़ सकता है। मैं आपको सलाह दूंगी कि खूब सारा पानी पिएं, यह आपको हाइड्रेटेड रखने और भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके साथ ही, हल्की एक्सरसाइज जैसे अपने बच्चे के साथ सुबह या शाम को टहलने जाना या घर पर ही हल्के-फुल्के योगा स्ट्रेच करना शुरू करें। याद रखें, आपका दूध ही आपके बच्चे का भोजन है, इसलिए कोई भी कठोर डाइट शुरू करने से पहले अपनी डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें। मेरा तो मानना है कि अपने नन्हे-मुन्ने को दूध पिलाना ही अपने आप में एक ‘मिनी-वर्कआउट’ जैसा है!

प्र: क्या डिलीवरी के बाद वजन घटाने के लिए कोई खास डाइट या खाने-पीने की चीजें हैं?

उ: बिल्कुल! कोई ‘जादुई’ डाइट तो नहीं है जो एक झटके में सब ठीक कर दे, लेकिन कुछ चीजें हैं जिन्हें मैंने अपनी डाइट में शामिल किया और वाकई मुझे बहुत फर्क महसूस हुआ। सबसे पहले, अपनी डाइट में खूब सारे फल और सब्जियां शामिल करें। ये फाइबर से भरपूर होती हैं और आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती हैं। दालें, अंकुरित अनाज और साबुत अनाज जैसे ओट्स और ब्राउन राइस को अपनी डाइट का अहम हिस्सा बनाएं। ये आपको भरपूर ऊर्जा देंगे और ज़रूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे। मैंने देखा है कि प्रोसेस्ड फूड, ज़्यादा चीनी और डीप फ्राई की हुई चीजों से दूरी बनाना बहुत फायदेमंद होता है। घर का बना ताजा खाना ही सबसे अच्छा है। और हाँ, एक बार में ज्यादा खाने के बजाय दिन में 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं। इससे आपका मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है और आप दिन भर ऊर्जावान महसूस करती हैं। और सबसे ज़रूरी बात, पानी!
पानी, पानी और सिर्फ पानी! यह आपको हाइड्रेटेड रखेगा और शरीर से टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) निकालने में भी मदद करेगा। मेरी दादी-नानी हमेशा कहा करती थीं कि डिलीवरी के बाद हल्का और पौष्टिक खाना ही दवाई का काम करता है, और मेरा यकीन मानिए, ये बात बिल्कुल सच है!

📚 संदर्भ

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